| दो नैन सतारे है चाँद सा मुखड़ा
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| क्या कहना उसका. |
| अफरीन
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| दावत में जैसे हो साही टुकड़ा
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| उसके जैसी ना कोई नाज़नीन
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| शाही जोड़ा पहन के
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| आई जो बन ठन के
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| वही तो मेरी sweetheart है
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| शरमाई सी बगल में
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| जो बैठी है दुल्हन के
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| वही तो मेरी sweetheart है
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| शाही जोड़ा पहन के
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| आई जो बन ठन के
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| वही तो मेरी sweetheart है
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| शरमाई सी बगल में
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| जो बैठी है दुल्हन के
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| वही तो मेरी sweetheart है
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| कैसे मैं कहूँ शुक्रिया
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| उसका मुझपे एहसान है
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| नाचीज़ों की बस्ती में वो.
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| जो बनके आई मेहमान है
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| लगता है शादी घर में
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| उसके आने से जैसे
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| चलके आई है खुशकिस्मती
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| सारी महफ़िल की वो जान बनी है
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| क्या कहना उसका. |
| अफरीन
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| मुफ़लिस के दिल का अरमान बनी है
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| उसके जैसी ना कोई नाज़नीन
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| शाही जोड़ा पहन के
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| आई जो बन ठन के
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| वही तो मेरी sweetheart है
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| शरमाई सी बगल में
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| जो बैठी है दुल्हन के
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| वही तो मेरी sweetheart है
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| वाह वाह जी वाह वाह
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| क्या बात है
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| वाह वाह जी वाह वाह
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| क्या बात है |